इस्लाम एवं सल्तनत कालीन भारत - ISLAM AND SULTANATE PERIOD IN INDIA IN HINDI
इस्लाम धर्म के प्रमुख सिद्धान्त (Main Principles of Islam) मूल रूप से मुसलमानों के विश्वास के अनुसार इस्लाम धर्म के पाँच मूल स्तंभ या सिद्धांत माने जाते हैं जिन्हें हर मुसलमान अपनी जिन्दगी का मूल विचार मानता है। यह बातें मशहूर हदीस "हदीस ए जिब्रिल" मे बताई गई है - (1) कलमा - 'ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मद-उर-रसूल अल्लाह' अर्थात् अल्लाह के सिवा और कोई परमेश्वर नहीं है और मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं अर्थात् अल्लाह एक है। (2) नमाज - यह एक प्रकार की प्रार्थना है जो अरबी भाषा में एक विशेष नियम से पढ़ी जाती है। इस्लाम के अनुसार, नमाज ईश्वर के प्रति मनुष्य की कृतज्ञता दर्शाती है। यह मक्का की ओर मुँह कर के पढ़ी जाती है। प्रत्येक मुसलमान के लिए दिन में 5 बार नमाज पढ़ना अनिवार्य है। (3) रोजा - इस के अनुसार इस्लामी कैलेण्डर के नवें महीने में सभी सक्षम मुसलमानों के लिए (फरज) सूर्योदय से (मगरिब) सूर्यास्त तक व्रत रखना अनिवार्य है। इस व्रत को रोजा भी कहते हैं। रोजे में हर प्रकार का खाना-पीना वर्जित है। (4) जकात (दान) – यह एक वार्षिक दान है जो कि प्रत्येक आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमान ...